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Wednesday, August 16, 2017

नाराज हिन्दुओ ने योगी आदित्यनाथ के काफिले पर किया हमला…आखिर इतना गुस्सा क्यों?

जब जनता त्रस्त हो जाती है और उसे दूर दूर तक कुछ नजर नहीं आता तब जनता आक्रोशित हो जाती है और फिर वो गद्दी पर बैठे राजा को रंक कर देती है ! इसी बानगी का उदहारण है ये घटना जिसका मैं यहाँ जिक्र करने जा रहा हूँ ! इस बाकये में भी जनता अपने राजा से नाराज है और जनता अगले चुनाव में इसका जवाब भी दे देगी ! क्या है पूरा मामला दरअसल योगी ने जब से उत्तरप्रदेश की कमान अपने हाथ में ली है तब से उन्होंने ऐसे ऐसे फैसले लिए हैं कि जनता को वो सब नागवार गुजरे हैं तो ऐसे में जनता योगी से नाराज है और जब गुस्सा फूटा तो नाराज लोगों ने योगी के काफिले पर हमला बोल दिया ! योगी के काफिले पर गुस्साए हिन्दुओ ने 10 जून को उस समय हमला कर दिया जब वो लखनऊ यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम में जा रहे थे ! यूनिवर्सिटी के बहार ही छात्रों ने योगी को काले झंडे दिखाए ! यही छात्र योगी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे और इन्होने ही योगी के काफिले पर हमला किया ! .आखिर क्रांति ऐसे विद्यालयों से ही आती है तभी कोई चाणक्य होता है जो अपने शिष्यों के साथ मिलके घनानंद का नाश कर देता है ! पुलिस छात्रों को रोकने में रही नाकाम जब ये घटना हुई तब योगी अपनी तगड़ी सुरक्षा के बीच थे ! लेकिन जब गुस्साए छात्रों का गुस्सा निकला तो लखनऊ पुलिस उन्हें रोकने में नाकाम रही ! जब मामला ज्यादा ही बिगड़ता दिखा तब योगी की सुरक्षा में तैनात NSG कमांडों ने मामला सम्हाला ! क्या हुआ छात्रों के साथ जिन छात्रों ने इस घटना को अंजाम दिया उन सबके खिलाफ झंडे दिखाने और काफिले पर हमला करने के मामले में fir दर्ज कर ली गयी ! कुल 11 छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया ! 3 छात्रों को शान्ति भंग करने के आरोप में धाराएँ लगायी गयी ! ज्यादा जानकरी के लिए आप उस हमले की वीडियो देखिये और जानिए क्यों हुआ हमला और साथ ही उन छात्रों का क्या हाल हुआ – देखिये वीडियो:- The post नाराज हिन्दुओ ने योगी आदित्यनाथ के काफिले पर किया हमला…आखिर इतना गुस्सा क्यों? appeared first on ViralinIndia.net -.

नोट्बंदी से न कालाधन आया न आतंक मिटा लेकिन जो हुआ वो आप सोच...

मोदी सरकार ने बिना किसी प्लानिंग के देश में नोट्बंदी लागू कर दी जिससे कि देश में लोगों को कितनी ही परेशनी का सामना करना पड़ा और सरकार ने कहा कि इससे आतंक खत्म होगा और कालाधन आएगा लेकिन इतने समय बाद भी कोई परिणाम नहीं दिखे ! इसके उलट इसके नुक्सान ही दिख रहे हैं ! रिजर्व बैंक को हुआ नुकसान रिजर्व बैंक ने सरकार को जून 2017 को समाप्त वित्त वर्ष में 30,659 करोड़ रुपये का लाभांश देने की घोषणा की है. यह पिछले साल के मुकाबले करीब आधा है. विश्लेषकों के अनुसार नोटंबदी के कारण नये नोटों की छपाई समेत अन्य कारणों से लाभांश में कमी आयी है. पिछले वित्त वर्ष में रिजर्व बैंक ने सरकार को लाभांश के रूप में 65,876 करोड़ रुपये दिया था. केन्द्रीय बैंक का क्या कहना है केंद्रीय बैंक ने अपने एक बयान में कहा, रिजर्व बैंक के केंद्रीय निदेशक मंडल ने 30 जून 2017 को समाप्त वित्त वर्ष के लिये अधिशेष राशि 306.59 अरब रुपये 30,659 करोड़ रुपये भारत सरकार को स्थानांतरित करने का फैसला किया है. हालांकि शीर्ष बैंक ने कम लाभांश दिये जाने के बारे में कुछ नहीं बताया. बजट अनुमान क्या कहता है बजटीय अनुमान के अनुसार सरकार ने रिजर्व बैंक से 2017-18 में 58,000 करोड़ रुपये के लाभांश मिलने का अनुमान रखा था. सरकार ने चालू वित्त वर्ष में रिजर्व बैंक, सरकारी बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों से 74,901.25 करोड़ रुपये के लाभांश का अनुमान रखा था. इसके पीछे के कारणों को बताते हुए रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर आर गांधी ने कहा कि पिछले कुछ साल से रिटर्न कम हो रहा है जिसका कारण विकसित देशों में नकारात्मक ब्याज दरें हैं. बैंकों में नकदी बढ़ने के कारण रिर्ज बैंक रिवर्स रेपो पर धन उधार लेता रहा है और ब्याज दे रहा है. इससे उसके राजस्व पर असर पड़ा. विश्लेषकों के अनुसार रिजर्व बैंक की आय में कमी का एक कारण नई मुद्रा की छपाई की लागत है. साथ ही नोटबंदी के बाद चलन से हटाये गये नोट वापस आना है. चिदंबरम ने ली चुटकी रिजर्व बैंक के ऐलान के बाद की वह जून 2017 को खत्म वर्ष के लिए केन्द्र सरकार को महज 30,659 करोड़ का लाभांश देगी, पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने ट्वीट के जरिए कहा कि इस रकम से रिजर्व बैंक को 50,000 करोड़ रुपये की रकम और कम कर देनी चाहिए. और क्या कहा पूर्व वित्त मंत्री ने…? चिदंबरम के मुताबिक यह नोटबंदी की लागत है जिसका भार रिजर्व बैंक को उठाना पड़ा और अब केन्द्र सरकार के घाटे में गिना जाना चाहिए. साथ ही चिदंबरम ने केन्द्रीय बैंक से यह भी पूछा कि क्या वह पूरानी करेंसी को नष्ट करने की लागत और नई करेंसी की प्रिंटिंग कॉस्ट का आंकड़ा भी देश को बताने के लिए तैयार है? The post नोट्बंदी से न कालाधन आया न आतंक मिटा लेकिन जो हुआ वो आप सोच नहीं सकते….. appeared first on ViralinIndia.net -.

न्यू यॉर्क टाइम्स ने योगी को “आतंकवादी” करार दिया…जानिए इसकी वजह

योगी आदित्यनाथ की छवि हमेशा एक विवादित और संप्रादियक नेता की रही है! उन्होंने अपने राजनैतिक जीवन में सारा काम ऐसा ही किया है जिसकी वजह से उन्हें ऐसी छवि प्राप्त हुई ! फिर वो चाहे उनके जहरीले भाषण हों या फिर उनके फैसले हो ! इस बार न्यू यॉर्क टाइम्स ने योगी आदित्यनाथ को “आतंकवादी” करार दिया, और यह बहुत गंभीर बात है… अब क्या किया ऐसा ? जब से उत्तरप्रदेश की कमान योगी के हाथ आई हैं तब से उन्होंने ऐसे ही विवादित फैसले लिए हैं ! अब वो चाहे फिर एंटी रोमिओ स्क्वाड हो या फिर और भी फैसले हों ! माने कि ये लोग अपनी सोच और तरीके जनता पर जबरन तानाशाही दिखाके थोप रहे हैं ! प्रदेश में सांप्रदायिक और शत्रुतापूर्ण माहौल बना दिया गया है ! क्या क्या कहा न्यूयॉर्क टाइम्स ने ? योगी के ऐसे ही सब कामों की वजह है कि वो एक इंटरनेशनल चेहरा बन गये और उन्हें न्यूयॉर्क टाइम्स ने खबर बनाते हुए आतंकवादी करार दिया ! इस अमेरिकी अख़बार ने योगी को सिर्फ आतंकवादी नहीं बल्कि हिन्दू आतंकवादी कहा है ! और योगी की वजह से हिंदुत्व को भी एक आतंकी संगठन का ठप्पा झेलना पड़ा ! योगी को “फायर ब्रांड हिन्दू प्रीस्ट विथ पोलिटिकल लीडर” भी कहा गया है ! न्यूयॉर्क टाइम्स ने ये भी मेंशन किया है कि योगी मुस्लिमो को “दो पाय जानवरों की खेती समझते है जिसे रोका जाना चाहिए” आगे कहते हुए न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सांप्रदायिक और दबंग नेता भी कहा है ! आशुतोष वार्ष्णेय ने क्या कहा ? ब्राउन यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल स्टडीज और पोलिटिकल साइंस के प्रोफ़ेसर आशुतोष वार्ष्णेय ने कहा कि मोदी या तो योगी के इस उदय को रोकना नहीं चाहते या फिर वो रोकने में असमर्थ हैं ! विडियो भी है आप नीचे देख सकते है… देखिये वीडियो:- सोर्स; https://dailypost.in/india/new-york-times-called-adityanath-terrorist/ The post न्यू यॉर्क टाइम्स ने योगी को “आतंकवादी” करार दिया…जानिए इसकी वजह appeared first on ViralinIndia.net -.

अब चाय वालों ने खोला नरेन्द्र मोदी के खिलाफ मोर्चा ?

देश में माहौल ऐसा है कि चाय वाला सुनते ही दिमाग में मोदी आता है ! खैर शब्द तो शब्द हैं और ऐसे कई शब्द हैं ! मसलन अब फेकू शब्द को लेलो और बताओ क्या आता है दिमाग में ! जाहिर सी बात है आपके दिमाग में भी बांकी लोगों की तरह प्रधानमंत्री मोदी का ही नाम आता होगा ! मोदी ने बड़ी ‘मेहनत’ से अपने आप को इस काबिल बनाया कि वो इकलौते ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनका खुद के ही भाषणों को लेकर मजाक बनता है ! क्या कहा चाय वाले ने ? अपने भाषणों में वो ऐसी लम्बी लम्बी फेंकते हैं कि ऐसी कला किसी दुसरे को आ ही नहीं सकती ! उनके इस फेंकने की बात को और उन्हें फेंकू घोषित करने में अमित शाह ने उनकी 15 लाख वाली बात को चुनावी जुमला बताकर और भी मजबूत किया है ! सोशल मीडिया पर रोज ही फेंकने की वजह से मोदी मजाक के पात्र बने रहते हैं ! लोग मोदी का उनके फेंकने की वजह से ऐसे ऐसे मजाक बनाते हैं कि हंसी रूकती ही नहीं!अगर कोई अपनी पत्नी को ये दिलासा देता है कि मैं तुम्हें छोडकर नहीं जाऊंगा तो कहता है कि पगली मैं कोई मोदी थोड़ी हूँ जो तुम्हें छोड़ जाऊंगा ! या फिर बच्चे अपने समूह में ज्यादा लम्बी लम्बी छोड़ने वाले बच्चे को मोदी कहके पुकारने लगे हैं ! ऐसे में मोदी की जो चाय वाली पहचान बनी है वो भी पीछे नहीं रह रही ! चाय वाले भी परेशां हैं ! लोग उन्हें मोदी के नाम से चिड़ाने लगे है कि भाई चाय सही बनाना नहीं तो कहीं मोदी की तरह कर दे और अब तो चाय वाले खुद ही मोदी का मजाक बनाने लगे हैं ! ऐसा इसलिए भी है कि जब मोदी ने चाय वाले को ही मजाक बना दिया तो बेहतरी इसी में है कि चाय वाले खुद ही मजाक बनाके अपनी इज्जत बचाए रहें ! चूंकि मोदी अपने किये हर वादे में असफल ही रहे हैं तो ऐसे में इनका मजाक ही बनेगा और तो कुछ बन वैसे भी नहीं सकता ! The post अब चाय वालों ने खोला नरेन्द्र मोदी के खिलाफ मोर्चा ? appeared first on ViralinIndia.net -.

ये हैं भारत का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिसे देश की चिंता ही नहीं, लेकिन...

मोदी देश के प्रधानमंत्री बने लेकिन मुझे समझ नहीं आता कि ये प्रधानमंत्री देश की दिशा और दशा बदलने के लिए बने हैं या फिर विदेशी यात्रा करने के लिए शैलानी बने हैं ! भारत को आजादी के बाद पहला ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जिसे पाकर भारत की जनता ऐसा महसूस करती है जैसे उन्होंने एक अप्रवासी प्रधानमंत्री चुन लिया है ! नवाज़ शरीफ की तबियत पे दुख जताया मोदी ने, लेकिन गोरखपुर त्रासदी पे नहीं ? विदेशों में घूम घूमकर एक तो मोदी की सोच भी वैसी ही हो गयी है ! इन्हें देश में घटित घटनाओ और संवेदनाओ पर प्रतिक्रिया या विचार रखने का समय ही नहीं मिलता है ! वैसे तो इन्हें ट्वीटर का बड़ा शौक है और हर मुद्दे पर विचार रखते हैं ! यहाँ तक की दुश्मन मुल्क के प्रधानमंत्री की तबियत तक के हाल ले लेते हैं लेकिन अपना देश जो बीमार पड़ा है उसकी खैर-ओ-खबर लेने की इन्हें फुरसत नहीं ! यहाँ आज के दिन भाजपा सरकार की नाकामी से ३० बच्चे यूपी में काल के गाल में समां गये और साहब की उनके लिए संवेदनाएं तक नहीं जागी और न ही इन्होने उस पर ट्वीट कर पाया ! करते भी कहाँ से आखिर फुर्सत मिले न विदेश में घटित घटनाओ पर अपनी प्रतिर्किया देने से ! पुर्तगाल में कुछ हुआ, साहब ने तुरंत बयान दिया… यहाँ इतने बच्चे नहीं रहे और पूरा देश शोक में हैं और भाजपा की निंदा कर रहा और साहब हैं कि पुर्तगाल के लोगों को कन्डोलेंस देने से फुर्सत तो मिले ! देश के लोगो का क्या है वो मरते हैं तो मरते रहें ! ये लोग तो अपनी संवेदनायों की हत्या कर चुके हैं ! ऐसा भी नहीं है कि साहब को इसकी जानकारी नहीं हो क्योकि साहब अपडेट तो इतना रहते हैं कि गूगल न हो ! याद होगा नीतीश कुमार का वो भाषण जो खत्म हुआ नहीं और साहब उस पर प्रतिक्रिया देने लगे ! लेकिन ये जो खुद को मसीहा बताते हैं गरीबों का इन्हें असल में गरीबों से कोई मतलब ही नहीं ! वो राहत इन्दौरी साहब सही फरमाते हैं कि “ये कुछ लोग जो खुदा बने फिरते हैं…किसी रोज मेरे हत्थे चढ़ जाए तो इंसा हो जाएँ” प्रदेश के मुखिया योगी भी खामोश हैं और अपनी गलती पर चुप हैं ! अगर योगी समय रहते ध्यान दे लेते तो आज वो ३० बच्चे हमारे बीच होते ! खैर इन्हें तो कुछ मतलब ही नहीं लेकिन हमारी संवेदनाएं अभी मरी नहीं ! ईश्वर उन बच्चों की आत्मा को अपने चरणों में स्थान दे ! The post ये हैं भारत का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिसे देश की चिंता ही नहीं, लेकिन नवाज़ शरीफ की ज़रूर चिंता है, ये रहा सबूत appeared first on ViralinIndia.net -.

भाजपा नेता हरीश नैनवाल की हुई हत्या, जिसने मारा वो भी कम नही था,...

शायद इस समय भारतीय जनता पार्टी की ग्रहदशा ठीक नहीं चल रही है ! ऐसा लगता है मानो शनि की साढ़े साती या फिर राहू काल चल रहा हो ! ऐसा इसलिए क्योकि इन दिनों भाजपा के साथ कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा ! फिर वो चाहे अमित शाह के काफिले पर अंडे फिकना हो या फिर भाजपा के 150 से ज्यादा नेताओ का गुजरात में पार्टी छोडकर कांग्रेस का दामन थामना हो या फिर ये हालिया ताजा बहुत बड़ा नेता खोना हो ! आखिर कैसे हुआ ये बाकया ? हरीश नैनवाल भाजपा के शीर्ष नेताओ में सुमार थे ! ये भाजपा में अध्यक्ष और महामंत्री के पद पर थे ! बुधवार की सुबह इनकी काले सांड ने हत्या कर दी ! इनके घर के पास ही इन्होने अपनी एक डेरी खोल रखी थी ! उसी डेरी पर ये घटना घट गयी ! वहां सांड कहाँ से आगया ? ऐसा बताया जा रहा है कि वो डेरी के बहार खड़े थे तभी उसी समय वहां पीछे से सांड आगया और जोर की टक्कर मार दी ! इतनी जोरदार टक्कर से वो बुरी तरह गिर पड़े ! आवाज सुनकर घर के लोग बाहर आये और उन्हें नजदीकी प्राइवेट हॉस्पिटल में ले गये ! अस्पताल में क्या हुआ ? घायल अवस्था में जब वो उपचार के लिए अस्पताल ले जाए गये तो वहां डॉ ने उन्हें जांच करके मृत घोषित कर दिया ! हरीश भारतीय मंडल के पूर्व अध्यक्ष भी थे ! घर के लोगों ने लेजाकर उंनका अंतिम संस्कार किया और कहा कि उनका धंधा ही उन्हें खा गया ! एरिया के लोकल कौंसलर का कहना है कि इसी बैल ने हरीश के अलवा पहले भी 3 लोगों को नुकसान पहुँचाया है पर इसके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया और न ही इसे पकड़ा गया ! The post भाजपा नेता हरीश नैनवाल की हुई हत्या, जिसने मारा वो भी कम नही था, लेकिन कौन था वो ? appeared first on ViralinIndia.net -.

राजोली में 30 भाजपा और 150 abvp नेताओ ने थामा कांग्रेस का दामन

जहाँ एक ओर भाजपा के लोग अन्य दलों के नेताओ को खरीदकर अपने दल में मिला रहे हैं और लोग भी अपना ईमान बेचकर इस भाजपा रुपी गंगा में डुबकी लगाकर खुद को पवित्र कर रहे हैं वही दूसरी ओर भाजपा और उसके ही सम्बद्ध दल avbp के नेता गुजरात में कांग्रेस का दामन थाम रहे हैं क्योकि उन्हें ऐसा लग रहा है और ये हकीकत भी है कि भाजपा की गुजरात में स्तिथि डामाडोल है ! कब हुआ ये सब…? अभी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह चुनाव की तैयारी के लिए गुजरात के 3 दिन के दौरे पर थे ! इन्ही 3 दिनों के दौरान भाजपा के ३० नेता और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के 150 नेताओ ने अपनी अपनी पार्टियाँ छोडकर कांग्रेस का दामन थाम लिया ! आगामी चुनाव के पहले इतना बड़ा फेरबदल भाजपा के लिए अच्छा संकेत तो बिलकुल भी नही है ! कहाँ हुआ ये सब…? भाजपा और abvp के लोगों ने बुधवार को अमरेली के राजोली नाम के कस्वे में अपनी अपनी पार्टी छोडकर कांग्रेस ज्वाइन कर ली ! गुजरात के कांग्रेस कमेटी प्रेसिडेंट भरतसिंह सोलंकी की उपस्तिथि में बरपतोली गाँव में इन लोगों में कांग्रेस ज्वाइन करने की सारी फॉर्मल प्रक्रियाएं पूरी की ! क्या कहना है पार्टी छोड़ने वाले नेताओ का…? abvp के पूर्व अध्यक्ष मेघराज जोशी का कहना है कि उनके लोग भाजपा ने खुद को ऐसे महसूस करते थे जैसे उन्हें दबाया जा रहा हो और भाजपा विद्यार्थीयों के मुद्दे को लेकर ढीली नजर आती है इसलिए उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया ! आगे बात बढ़ाते हुए मेघराज ने कहा कि जब से भाजपा सत्ता में है तब से हमें अपना आन्दोलन नरम करना पड़ा है ! जब भी हमने किसी मुद्दे को लेकर कोई आन्दोलन किया हमें तुरंत ही उसे भाजपा नेताओ के कहने पर वापस लेना पड़ता था ! ऐसे में भाजपा गुजरात के अंदर 182 सीट में से 150 जीतने का प्लान बना रही है और यहाँ 150 नेता पार्टी छोड़ रहे हैं ! भाजपा नेताओ ने इस चुनाव ने लिए ‘मिशन 150’ का नारा भी दिया है और मोदी भी अपने गृहनगर गुजरात में चुनाव तक हर महीने कम से कम 1 दौरा तो करेंगे ही क्योकि भाजपा की डोलती नैया अब ज्यादा दिन गुजरात के समंदर में चल नहीं पायेगी ! The post राजोली में 30 भाजपा और 150 abvp नेताओ ने थामा कांग्रेस का दामन appeared first on ViralinIndia.net -.

कमलनाथ-विकास का दूसरा नाम जिसने बदल दी मध्यप्रदेश की तस्वीर और तकदीर

मध्यप्रदेश की हालत इस समय बहुत ही खस्ता है ! यहाँ विकास नाम की चीज दूर दूर तक नजर नहीं आती है ! शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के शायद अब तक के सबसे नाकाम मुख्यमंत्री रहे हैं ! इन्हें प्रदेश में राज करते हुए 15 साल हो गये पर इन 15 सालों में नया विकास होना तो छोडो प्रदेश की हालत दिन ब दिन और बिगडती जा रही है ! ऐसे में मध्यप्रदेश की छिंदवाडा लोकसभा दिन दुगनी रात चौगनी गति से प्रगति कर रही है और इसका श्रेय एक ही व्यक्ति को जाता है और वो नाम होता है कमलनाथ ! कौन हैं कमलनाथ ? कमलनाथ भारतीय राजनेता हैं जो कांग्रेस पार्टी से आते हैं और छिंदवाडा सीट से लोकसभा चुनाव लड़ते हैं! कमलनाथ लोकसभा के स्पीकर भी रह चुके हैं और कांग्रेस में आला नेताओ की फेहरिस्त में अपना स्थान रखते हैं ! कमलनाथ अपने जीवन में कभी भी लोकसभा का चुनाव नहीं हारे ! और इसकी वजह ही यही है कि कमलनाथ असली ‘विकास पुरुष’ हैं न कि मोदी की तरह सिर्फ विकास के जुमले देते हैं | इन्होने अपनी लोकसभा के विकास के लिए बहुत कार्य किया है और दिन ब दिन प्रगति ही कर रहे हैं ! इनके विकास की बानगी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अभी बर्तमान में भाजपा की बड़ी नेता उमा भारती इनकी लोकसभा में गयी तो कमलनाथ की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं सकीं | कमलनाथ कॉमर्स और इंडस्ट्री के पूर्व यूनियन मिनिस्टर भी रहे हैं और इस पद पर भी वो बहुत सफल रहते हुए न सिर्फ देश बल्कि देश के बहार भी नाम कमाया है ! अभी 70 साल की उम्र में भी वो निरंतर अपनी लोकसभा के हर संभव विकास के लिए कार्य कर रहे हैं ! क्या क्या किया अपनी लोकसभा के लिए ? कमलनाथ अपने लोकसभा के लिए जो कुछ कर सकते हैं वो सब करते हैं और ऐसा आज तक शायद किसी सांसद ने किया ही नहीं ! कमलनाथ अपनी लोकसभा में युवाओ और शिक्षा को ध्यान में रखते हुए NIIT नॉलेज सेण्टर और बेरोजगारों के लिए ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट का सेटअप छिंदवाडा में लेकर आये | कमलनाथ ने अपनी लोकसभा से बेरोजगारी को पूर्णता खत्म करने का वीणा उठाया है और इस पर पूरी लगन से काम कर रहे हैं ! यहाँ तक कि उन्होंने क्लॉथ मेकिंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का सेटअप भी लगाया है जो स्कूल से पढाई खत्म करके निकले युवाओ को सीखने और कुछ महीनों का कोर्स खत्म करने पर नौकरी देने का कार्य कर रहा है ! ये संसथान स्टूडेंट्स के स्किल्स को डेवेलप करने का काम कर रहे हैं ! क्या कहना है इन संस्थानों के बारे में कमलनाथ का ? इन संस्थानो के बारे में बताते हुए कमलनाथ कहते हैं कि ये संस्थान उन स्नातकों के स्किल को पोलिश करता है जो रोजगार की तलाश में हैं ! कमलनाथ को छिंदवाडा के लोग हीरो मानते हैं और इनकी लोकसभा में जगह जगह इनकी तस्वीरें लगी देखी जा सकती हैं जो खुद लोगों ने लगाई हुई हैं ! ऐसे सराहा गया इनका काम ? पब्लिक सेक्टर में ऐसी क्रांति करने के लिए जबलपुर की रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी ने कमलनाथ को डॉक्टरेट की उपाधि से नवाजा है ! 2007 में fdi मैगजीन ने कमलनाथ को FDI पर्सनाल्टी करार दिया ! The Economics Times ने कमलनाथ को उनके काम के लिए ‘Business Reformer Of The Year’ के ख़िताब से सम्मानित किया ! 2012 में एशियन बिज़नस लीडरशिप फॉर्म में उन्हें ‘ABLF Statesman Award’ प्राप्त हुआ ! भारत का नाम ऐसे किया रोशन ? अगर मौका दिया जाए तो कमलनाथ भारत की इकोनोमी को एक बड़े पैमाने पर क्रांति लाकर शीर्ष पर खड़ा कर सकते हैं !द वर्ल्ड इकोनोमिक फॉर्म,जो एक इंटरनेशनल संस्था है जो दुनिया भर के राज्यों में बिज़नस,पॉलिटिक्स,अकैडमी और अन्य क्षेत्रों में विकास करने का काम करती है, हर साल अपनी एक एनुअल मीटिंग रखती है और कमलनाथ को 2017 की मीटिंग में इस संस्था ने आमंत्रित किया है ! कमलनाथ इकलौते भारतीय है जो 2017 की इस मीटिंग में होंगे और इस संस्था के लिए वो इकलौते भारतीय हैं जिसे 11 बार संस्था ने बुलाया है ! The post कमलनाथ-विकास का दूसरा नाम जिसने बदल दी मध्यप्रदेश की तस्वीर और तकदीर appeared first on ViralinIndia.net -.

गूगल सुधीर चौधरी को पत्रकार नहीं कुछ और ही बताता है…?

सुधीर चौधरी जो ज़ी न्यूज़ के लिए अपनी सेवाएं देते हैं वो आजकल लोगों में बहुत छाये हुए हैं ! उन्होंने खुद को निष्पक्ष और ईमानदार पत्रकार ‘घोषित’ कर रखा है ! इन पर घूस लेने के आरोप में ये तिहाड़ की हवा भी काट चुके हैं | भाजपा के जितने भी समर्थक हैं वो सब सुधीर को ही पत्रकार मानते हैं और किसी को मानने को तैयार ही नहीं ! वहीँ गूगल सुधीर को पत्रकार मानने को तैयार नहीं ! पत्रकार के तौर पे ये रही उपलब्धि सुधीर इस समय भारत के सबसे झुके हुए पत्रकार हैं जिनका झुकाव एक पार्टी विशेष की तरफ हैं ! कुलमिलाकर सुधीर उन सब चीजों के खिलाफ हैं जिनके खिलाफ भाजपा है | सुधीर भाजपा के बहुत बड़े भक्त हैं और भाजपा के समर्थन में ही ख़बरें भी चलाते हैं ! वैसे तो पुराने कई मामले इन पर हैं जिनमें जिंदल से 100 करोड़ की घूस के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया और अभी हाल ही में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुधीर के खिलाफ fir फाइल की है जिसे सुधीर ने सोशल मीडिया पर सिम्पैथी और लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचने के लिए डाल दिया ! सुधीर ने एक 25 साल की महिला पत्रकार का नाम प्रयोग किया है और लोगों से सिम्पैथी लेने की कोशिश करते हुए कहा कि “वो सिर्फ 25 साल की है और उसने ममता की असहिष्णुता चख ली !” क्या कहा गूगल ने यहाँ तक कि गूगल भी कहता है कि सुधीर एक बिजनेस पर्सन हैं ! गूगल मानने को तैयार ही नहीं कि सुधीर एक पत्रकार हैं और वो सुधीर को एक बिजनेसमैंन करार देता है ! ये काफी है सिद्ध करने के लिए कि सुधीर एक सच्चे पत्रकार नहीं हैं ! The post गूगल सुधीर चौधरी को पत्रकार नहीं कुछ और ही बताता है…? appeared first on ViralinIndia.net -.

जानिये क्यों मुसलमान “भारत माता की जय” नही बोलते ?

जानिए वो क्या कारण हैं जिसके चलते सारे मुस्लिम भारत माता की जय की जगह हर बार जय हिन्द बोलते हैं | मुस्लिम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा की मैं कभी भारत माता की जय नहीं बोलूंगा फिर चाहे आप मेरी गर्दन पर चाकू क्यों न रख दो | लेकिन उनके इस मसले के ख़तम होने से पहले ही वारिस पठान को महाराष्ट्र की सरकार की तरफ से निलंबित कर दिया गया। अब बडा सवाल ये पैदा होता हैं की ओवैसी और पठान ऐसा बोलेंगे की नहीं बोलेंगे ? मुस्लिम लोगो ने इसका विरोध भी किया और बहुत ही सीधे शब्दों में कहा की भारत मतलब देश और माता मतलब देवी जैसे भारत माता का मंदिर । दारुल उलूम के मुफ्तियों ने कहा ‘यह हमारा मादरे वतन (मातृभूमि) है, हम इससे मोहब्बत करते हैं’ सियासत के संवादाता के अनुसार दारुल उलूम के मुफ्तियों ने कहा, ‘वंदे मातरम के बारे में यहां से लिखा गया था कि हिंदुस्तान हमारा वतन है | हम और हमारे पूर्वज यहीं पैदा हुए हैं | यह हमारा मादरे वतन (मातृभूमि) है, हम इससे मोहब्बत करते हैं लेकिन हम इस वतन को अपना माबूद (भगवान) नहीं समझते |’ उनके अनुसार मुसलमान क्योंकि खुदा के एक होने का यकीन रखते हैं इसलिए वो खुदा के अलावा किसी और की पूजा नहीं कर सकते | क्यूंकि यह उसके मजहब की नीतियों के खिलाफ है और अगर वह ऐसा करे तो वह अपने इमान के अकीदे से ख़ारिज हो जाता है इसलिए मुसलमानों को इस गीत से अलग रखा जाए | इस्लाम के मानने वाले मुसलमान कभी ऐसे नारे से समझौता नहीं कर सकते अब भारत माता की जय का नारा लगाने पर मजबूर किया जा रहा है | दरअसल भारत माता एक तबके के यकीन के मुताबिक एक देवी है, जिसकी वो पूजा करते हैं | भारत माता देवी को यह लोग हिंदुस्तान की मालिक व मुख्तार समझते हैं | दारुल उलूम के अनुसार इस्लाम के मानने वाले मुसलमान कभी ऐसे नारे से समझौता नहीं कर सकते | फतवे पर मुफ्ती हबीबुर्रहमान खैराबादी, मुफ्ती महमूद हसन बुलंदशहरी, मुफ्ती जैनुल इस्लाम कासमी, मुफ्ती फखरुल इस्लाम कासमी, मुफ्ती वकार अली, मुफ्ती असदुल्ला, मुफ्ती नौमान सीतापुरी और मुफ्ती मुसअब के हस्ताक्षर हैं | मुस्लिम लोगो के लिए भारत के ऐसा देश हैं जहाँ उन्हें प्यार, इज़्ज़त और निष्ठा सब कुछ मिलता हैं मुस्लिम लोगो के लिए भारत के ऐसा देश हैं जहाँ उन्हें प्यार, इज़्ज़त और निष्ठा सब कुछ मिलता हैं लेकिन उन्हें देश के लिए नारा लगते हुए काफी शर्म आती हैं और उनके लिए केवल अल्लाह ही उनका भगवन हैं | भारत के संविधान के मुताबिक, स्वतंत्रता का अधिकार हर इंसान को होता हैं और आर्टिकल सेक्शन 15 और 26 के चलते कोई भी इंसान इसे बदल नहीं सकता | अंत में मसला ये आता हैं की, जो लोग अपने देश की पूजा नहीं करते और अपने देश के लिए प्रार्थना नहीं करते वह लोग दूसरे लोगो के लिए चर्चा बन जाते हैं । देखिये वीडियो:- The post जानिये क्यों मुसलमान “भारत माता की जय” नही बोलते ? appeared first on ViralinIndia.net -.

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TNPL 2017: Lyca Kovai Kings beat VB Thiruvallur Veerans in high-scorer

Murali Vijay’s 69 set the stage for Kings’ chase © AFPBaba Aparajith’s 60-run knock went in vain as Lyca Kovai Kings chased down 197 put up by Murali Vijay‘s VB Thiruvallur Veerans to post a 7-wicket victory in Match No. 26 of the Tamil Nadu Premier League (TNPL) 2017. On Saturday, the Kings won the toss at MA Chidambaram Stadium, Chepauk, Chennai and sent the Veerans to bat first. While the Veerans’ batsmen, led by captain Aparajith put up a brilliant show, the bowlers failed to defend the huge score. Despite the victory, the Kings are at No. 5 position in the TNPL 2017, one place behind the Veerans. Veerans now have three victories from the seven matches that they have played while it was only the second victory for the Kings. Tamil Nadu Premier League (TNPL) 2017: Points table and team standings Though the Veerans openers NS Chaturved (24) and S Siddharth (18) failed to pull off anything extraordinary, the team was off to a decent start which Aparajith converted into a gigantic total. He first paired up with Hari Nishanth (27) to build the first big partnership of the innings, then getting to his half-century. Major support, though, came from Abhishek Tanwar who remained unbeaten at 55 as the Veerans put up 196 for 6 at the end of their 20 overs. Krishnamoorthy Vignesh, Ajith Ram and MMK Shivakumar were the pick of the bowlers as all bagged 2 wickets each bowling for the Kings but their spells remained expensive, courtesy the ruthless hitting of Aparajith and Tanwar. Coincidentally, both the batsmen hit 3 fours and 5 sixes each in their respective knocks. The chase was thrilling. The match went down till the final delivery of the match. Despite losing his opening partner Laxmesha Suryaprakash (5) in the third over of the chase, Kings’ skipper Murali Vijay did not lose his nerves and paired up with Anirudh Sita Ram to keep the team in the hunt. Vijay got out for 69 off 44, hitting 5 fours and 4 sixes. Ram was joined at the crease by Akshay Srinivasan and both took things further until Tanwar removed Srinivasan (38) in the final over. Ram remained unbeaten at 69 as he ran a couple of runs to take his side to victory. Lakshmi Narayan, Sanjay Yadav and Tanwar were the successful bowlers with wickets apiece. Ram was adjudged the Player of the Match. Brief scores: VB Thiruvallur Veerans 196 for 6 (Baba Aparajith 60, Hari Nishanth 27, Abhishek Tanwar 55*; Krishnamoorthy Vignesh 2 for 29, Ajith Ram 2 for 33) lost to Lyca Kovai Kings 197 for 3 (Murali Vijay 69, Anirudh Sita Ram 69*, Akshay Srinivasan 38; Sanjay Yadav 1 for 23, Abhishek Tanwar 1 for 44) by 7 wickets.

India Women felicitated by MCA for good show in World Cup

India Women finished World Cup 2017 campaign as runners up © Getty ImagesMumbai: The Mumbai Cricket Association (MCA) this evening felicitated members of the India Women’s Cricket team, which ended as runners up in the Cricket World Cup in England last month. MCA President and BJP MLA Ashish Shelar honoured team members – skipper Mithali Raj, Poonam Raut, Smriti Mandhana, Mona Meshram, Harmanpreet Kaur at a gala ceremony here in presence of former India skipper Ajit Wadekar, player Madhav Apte and CoA member Diana Edulji. All the players were given a memento and membership of the MCA’s facility at suburban Bandra Kurla Complex, while Mona, Poonam and Smriti were given Rs five lakh reward each as earlier announced by MCA. READ: BCCI set to award men, women national selectors Members of the team’s support staff Manager Trupti Bhattacharya and Rashmi Pawar were also feted. In a nail-biting final, the Indian women’s team lost to England at the iconic Lords. Skipper Mithali remembered her difficult journey and said she started enjoying facilities which they received after coming under BCCI. “The cricketers who are sitting back can watch women cricketers as role models. For us we have only seen men’s cricketers. We have seen Sachin (Tendulkar), Kapil Dev play and those are the videos we watched. But this is a revolution and they (the budding women cricketers) can see Harmanpreet, Poonam, Smriti play,” she added. Harmanpreet, who played a splendid knock in the semis against Australia to guide India in the finals, remembered that while they were going to the tournament only two media persons had come. “While we were going only two media people had come, but when we returned the entire country knew it and that was an achievement,” she said, adding, it was an message from Diana (Edulji) which pushed her to do well after not a good performance in the opening games. Poonam Raut, who resides in suburban Borivili had played a valiant 86 run knock in the final. Raut said the reception which they received on arrival was like a dream. “We narrowly missed winning the cup, but the love people have showered on us has inspired us. Our goal is to win the next World Cup and we will surely win it,” said Raut, an opener. Mandhana recalled that as the side had gone 15 days in advance before the tournament started they were able to acquaint themselves with the conditions. She expressed gratitude to the physios and trainers at the NCA who helped her recover from the injury. Mona Meshram and Shelar too shared their thoughts. Among others, former India player Praveen Amre, MCA Vice President Vinod Deshpande were present on the occasion

Gautam Gambhhir joins campaign to spread awareness about organ donation

Gautam Gambhir joined the campaign to spread awareness ion organ donation © IANSNew Delhi: Cricketer Gautam Gambhir on Saturday joined a campaign to encourage people to pledge to donate organs, at the Indraprastha Apollo Hospitals. “I am extremely humbled to be a part of this drive. Organ donation is an egalitarian and a moral act,” said Gambhir, who is also an ambassador for “Gift a Life.” Gift A Life is an initiative launched in 2011 to create awareness about organ donation to save countless lives and is supported by the Apollo Transplant Institutes. “Thousands die every year for want of organs and I feel that this initiative will bridge the gap by spreading awareness in the society,” said Gambhir, who has already pledged to donate all his organs. Every year nearly five lakh people die in India due to non-availability of organs. Nearly 1.5 lakh people are in dire need of kidney transplants but only 3,000 of them receive one. READ: Gautam Gambhir heaps praises on Cheteshwar Pujara; calls him more consistent than Virat Kohli in Test cricket “One of the major reasons is lack of awareness about organ donation in India at large where majority of the population is still shackled with myths and religious beliefs, hence there is an urgent need to address this issue and create sound awareness,” said Anupam Sibal, Group Medical Director and Senior Paediatric Gastroenterologist at Apollo Hospitals Group. Vital organs such as the heart, pancreas, liver, kidneys and lungs can be transplanted to those whose organs are failing. A single donor can save eight lives by donating the heart, lungs, liver, kidneys, pancreas and small bowel. World Organ Donation Day is observed every year on August 13.